धाम यात्रा

चारधाम यात्रा मार्ग

उत्तराखंड को देवों की भूमि ‘देवभूमि’ बोला जाता है और यहाँ स्थित हिमालय को देवताओं का घर | इन्ही गढ़वाल के हिमालय में बसे हैं  प्रसिद्ध चारधाम तीर्थ | चारधाम में हिन्दुओं के चार पवित्र धार्मिक स्थान बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री हैं | ये चारों पवित्र धाम चार अलग अलग देवताओं को समर्पित हैं | जैसे बद्रीनाथ धाम में भगवान विष्णु की पूजा होती है | केदारनाथ धाम में भगवान शिव की और गंगोत्री-यमुनोत्री में देवी गंगा-यमुना की पूजा की जाती है |

चारधाम मार्ग : यमुनोत्री – गंगोत्री – केदारनाथ – बद्रीनाथ

चारधाम यात्रा मार्ग प्रकृति के सुन्दर पहाड़ों और नदियों की लहरों के साथ साथ चलता है | श्रद्धालु चारधाम यात्रा के दौरान हजारों ऐसे प्राकृतिक सुन्दरता को देख के मंत्रमुग्ध हो जाते हैं |

चारधाम यात्रा का एक क्रम है और यात्रा इसी क्रम में करने का उल्लेख पुराणों में भी है | चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम के दर्शनों से होती है | उसके बाद गंगोत्री , केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने से चारधाम की यात्रा पूर्ण मानी जाती है | चारधाम यात्रा मार्ग सडकों के माध्यम से जुड़ा हुआ है | निचे चारधाम यात्रा मार्ग के बारें में विस्तार से बताया गया है |

बद्रीनाथ धाम यात्रा मार्ग

समुद्रतल से 3133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित और अलकनंदा नदी के किनारे बसा है बद्रीनाथ धाम | यह पवित्र धाम भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है के यहीं भगवान विष्णु ने तपस्या की थी |

दर्शनीय स्थल : पन्दुकेश्वर , योगध्यान बद्री , माणा गाँव , सतोपंत तालाब , तप्त कुंड , नीलकंठ छोटी , चरण पादुका , माता मूर्ति मंदिर , नारद कुंड , भीमपुल , गणेश गुफा , ब्रह्म कपाल , शेषनेत्र , व्यास गुफा आदि |

बद्रीनाथ यात्रा मार्ग : दिल्ली से हरिद्वार 206 किमी -> हरिद्वार से ऋषिकेश 24 किमी -> ऋषिकेश से देवप्रयाग 74 किमी -> देवप्रयाग से श्रीनगर 34 किमी -> श्रीनगर से रुद्रप्रयाग 33 किमी -> रुद्रप्रयाग से कर्णप्रयाग 31 किमी -> कर्णप्रयाग से नंदप्रयाग 21 किमी – > नंदप्रयाग से चमोली 10 किमी -> चमोली से जोशीमठ 48 किमी -> जोशीमठ से बद्रीनाथ 42 किमी

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग

बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम समुद्रतल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित और मन्दाकिनी नदी के तट पर बसा है | केदारनाथ में पहुँचाने के लिए अंतिम मार्ग 18 किमी पैदल या हेलीकाप्टर से पे करना पड़ता है | सड़क सिर्फ सोनप्रयाग और गौरीकुंड तक ही है |

दर्शनीय स्थल : गाँधी सरोवर , फटा , सोनप्रयाग , त्रियुगीनारायण मंदिर , चन्द्रपुरी , कालीमठ , वासुकीताल , शंकराचार्य समाधि और गौरीकुंड |

केदारनाथ यात्रा मार्ग : दिल्ली से ऋषिकेश 231 किमी -> ऋषिकेश से श्रीनगर 109 किमी -> श्रीनगर से रुद्रप्रयाग 33 किमी -> रुद्रप्रयाग से तिलवारा 9 किमी -> तिलवारा से अगस्तमुनी 10 किमी -> अगस्तमुनी से गुप्तकाशी 20 किमी -> गुप्तकाशी से सोनप्रयाग 23 किमी (पार्किंग) -> सोनप्रयाग से गौरीकुंड 5 किमी (टैक्सी) -> गौरीकुंड से रामबाड़ा पुल 7 किमी (पैदल) -> रामबाड़ा पुल से लिंचोली 7 किमी (पैदल) -> लिंचोली से केदारनाथ 4 किमी (पैदल)

गंगोत्री धाम यात्रा मार्ग

मोक्ष प्राप्ति के लिए लाखों श्रद्धालु यात्राकाल में समुद्रतल से 3200 मीटर ऊपर स्थित गंगोत्री धाम माता गंगा के दर्शनों के लिए आते हैं | मोक्षदायिनी पवित्र गंगा नदी के उदगम यहीं गंगोत्री से होता है |

दर्शनीय स्थल : भोजबसा , गंगनानी , केदारताल , गौमुख , गंगोत्री मंदिर, भैरोंघाटी , जलमग्न शिवलिंग , तपोवन

गंगोत्री यात्रा मार्ग : दिल्ली से ऋषिकेश 231 किमी -> ऋषिकेश से टिहरी 75 किमी -> टिहरी से उत्तरकाशी 117 किमी -> उत्तरकाशी से भटवाडी 31 किमी -> भटवाडी से गंगनानी 15 किमी -> गंगनानी से हर्षिल 27 किमी -> हर्षिल से गंगोत्री 25 किमी

यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग

गढ़वाल के पश्चिमी छोर पर स्थित यमुनोत्री धाम मोक्षदायिनी यमुना नदी का उदगम स्थल है | यहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवी यमुना के मंदिर में पूजा करने आते हैं | यहाँ जानकीचट्टी में स्थित गर्म पानी के झरने श्रधालुओं को अत्यंत सुन्दर लगते हैं |

दर्शनीय स्थल : यमुनोत्री मंदिर , सप्तऋषि कुंड , सूर्य कुंड, दिव्यशिला , हनुमानचट्टी , खरसाली गाँव |

यमुनोत्री यात्रा मार्ग : दिल्ली से ऋषिकेश 231 किमी -> ऋषिकेश से नरेन्द्रनगर 16 किमी -> नरेन्द्रनगर से छामा 46 किमी -> चंबा से ब्रह्म्खाल 15 किमी -> ब्रह्मखाल से बड़कोट 40 किमी -> बड़कोट से स्यानचट्टी 27 किमी -> स्यानचट्टी से हनुमानचट्टी 6 किमी -> हनुमानचट्टी से फूलचट्टी 5 किमी -> फूलचट्टी से जानकीचट्टी 3 किमी -> जानकीचट्टी से यमुनोत्री 6 किमी (पैदल)

चारधाम यात्रा मार्ग दिशा

चारधाम यात्रा के लिए कुल 1607 किमी की दूरी तय करनी होती है जो हरिद्वार से शुरू होकर ऋषिकेश में खत्म होती है | चारधाम यात्रा मार्ग दिशा निचे बताया गया है |

चारधाम यात्रा दिशा मार्ग :

स्थान : दिल्ली -> हरिद्वार -> बड़कोट -> यमुनोत्री -> उत्तरकाशी -> गंगोत्री -> गुप्तकाशी -> केदारनाथ -> बद्रीनाथ -> ऋषिकेश -> दिल्ली

दिल्ली से हरिद्वार – 210 किमी (6 घंटे)
हरिद्वार से बड़कोट – 220 किमी (7 घंटे)
बड़कोट से यमुनोत्री – 36 किमी (गाडी से) और 6 किमी पैदल
बड़कोट से उत्तरकाशी – 100 किमी (4 घंटे)
उत्तरकाशी से गंगोत्री – 100 किमी (4 घंटे)
उत्तरकाशी से रुद्रप्रयाग – 180 किमी (8 घंटे)
रुद्रप्रयाग से केदारनाथ – 74 किमी (गाडी से) और 18 किमी पैदल
रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ – 160 किमी (7 घंटे)
बद्रीनाथ से ऋषिकेश – 297 किमी (11 घंटे)
ऋषिकेश से दिल्ली – 230 किमी (7 घंटे)


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Vijay
Vijay
January 13, 2021 4:21 am

यात्रामार्ग में पडते दर्शनीय स्थल की यादी क्रमशः दिजीयेगा।

Pankaj dixit
Pankaj dixit
May 21, 2019 8:42 pm

इस चारधाम यात्रा मार्ग में रात्रि विश्राम कहाँ कहाँ करना पड़ेगा

Bhupendra singh
Bhupendra singh
June 4, 2018 7:40 am

चार धाम यात्रा का रोड मैप चाहिए, जिसमे दूरियां अंकित हो,