धाम यात्रा

द्वारका धाम का महत्व

द्वारका भारत के सबसे प्राचीन नगरों में से एक है। यह तीर्थस्थल हिन्दुओं के आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में से व पवित्र सप्तपुरियों में से एक है। द्वारका को देवनगरी के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के मुख्य देवता भगवान कृष्ण हैं, जो द्वारकाधीश के नाम से जाने जाते हैं, हिन्दू धर्मग्रन्थों के अनुसार, भगवान कॄष्ण ने इसे बसाया था। यह ,श्रीकृष्ण, की कर्मभूमि है। मान्यता है। की यहाँ की यात्रा करने से जन्मो जन्मो के पाप कट जाते है। शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भी द्वारका के पास ही स्थित है। आपको बता दें कि द्वारका के आसपास अनेक पवित्र मंदिर हैं जो प्रतिवर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

मंदिर के बारे में सामान्य जानकारी

द्वारका में प्राचीन इमारते है। जो शिल्पकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर को जगत मंदिर (सार्वभौमिक मंदिर) या त्रिलोक सुंदर (तीनों लोक में सबसे सुंदर) के रूप में जाना जाता है। ये मंदिर मूल रूप से 2500 साल पहले महान भगवान कृष्ण के पोते वज्रभ द्वारा निर्मित किया गया माना जाता है,


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